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एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 नागरिक शास्त्र अध्याय 1 विविधता की समझ
प्रश्न 1: अपने इलाके में मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों की एक सूची बनाइए। इनमें से कौन-से त्योहार विभिन्न सभी समुदायों द्वारा मनाए जाते हैं?
उत्तर: त्योहारों की सूची – लोहड़ी, बुद्ध पूर्णिमा, ओणम, गांधी जयंती, गुरुनानक जयंती, गणतंत्र दिवस, गुड फ्राइडे, स्वतंत्रता दिवस, दशहरा, दीपावली, ईद, बकरीद, क्रिसमस इत्यादि।
सभी समुदाय द्वारा मनाए जाने वाले त्योहार-गांधी जयंती, स्वतंत्रता दिवस।
अथवा
हमारे इलाके में लगभग सभी तरह के त्योहार मनाए जाते हैं, जैसे-होली, दुर्गा पूजा, दिवाली, छठ, गुरु पर्व, ईद, बकरीद, क्रिसमस, पोंगल, रथ यात्रा, आदि। होली, दिवाली और दुर्गा पूजा प्रमुखत: हिन्दुओं का त्योहार है, जो पूरे भारत में मनाया जाता है। लेकिन हमारे इलाके में मुस्लिम और इसाई पड़ोसी भी इस त्योहार में शामिल होते हैं। उसी तरह हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख और इसाई सभी मिलकर क्रिसमस और ईद मनाते हैं। उसी तरह रथ यात्रा मुख्यत: उड़िसा में मनाया जाता है। लेकिन जब उड़िया लोग रथ यात्रा निकालते हैं तो सभी पड़ोसी उसमें भाग लेने की कोशिश करते हैं। जब सिक्ख लोग लोहड़ी मनाते है तो सभी समुदाय के लोग इस उत्सव का मजा लेते हैं। छ्ठ पूजा मुख्यरूप से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाई जाती है। लेकिन हमारे इलाके में जिस तालाब पर छ्ठ पूजा मनाई जाती है। इसे देखने के लिए हर समुदाय और हर वर्ग के लोग उपस्थित होते हैं।
प्रश्न 2: आपके विचार में भारत की समृद्ध और विविध विरासत आपके जीवन को कैसे बेहतर बनाती है?
उत्तर: हम जिस इलाके में रहते हैं, वहाँ भारत के लगभग सभी क्षेत्र और समुदाय के लोग निवास करते हैं। यहाँ का माहौल एक छोटे भारत की तरह लगता है। जिससे मुझे उन सभी के खान-पान, रहन-सहन, पर्व त्योहार को जानने और समझने का अवसर मिला। भारत के विभिन्न क्षेत्रो के लोगों से मिलने से पूरे भारत को देखने और समझने का मौका मिला। इससे नई-नई चीजों की जानकारी प्राप्त हुई। जिसके फलस्वरूप सभी धर्म, जाति और क्षेत्र के प्रति आदर की भावना जागृत हुई।
प्रश्न 3: आपके अनुसार ‘अनेकता में एकता’ का विचार भारत के लिए कैसे उपयुक्त है? भारत की खोज किताब से लिए गए इस वाक्यांश में नेहरू भारत की एकता के बारे में क्या कहना चाह रहे हैं?
उत्तर: हमारे विचार से ‘अनेकता में एकता’ का विचार भारत के लिए बहुत उपयुक्त है। भारत की खोज किताब में जवाहर लाल नेहरू ने लिखा है कि भारतीय एकता बाहर से थोपी हुई चीज नहीं है, बल्कि “यह बहुत गहरी है जिसके अंदर अलग-अलग तरह के विश्वास और प्रथाओं को स्वीकार करने की भावना है। इसमें विविधता को पहचाना और प्रोत्साहित किया जाता है।” इन सारे तत्वों का वर्णन करते हुए उन्होंने ही ‘अनेकता में एकता’ के विचार से हमें अवगत कराया।
नेहरू जी के कहने का मतलब था कि भारत में एकता किसी बाहरी शक्ति द्वारा नही थोपी गई है। इसकी नींव बहुत गहरी है। अलग-अलग तरह के विश्वास और प्रथाओं को स्वीकार करने की भावना के कारण यह बहुत वर्षों में विकसित हुआ है। भारत हमेशा से विभिन्न सभ्यता और संस्कृति को अपनाता रहा है। सदियों से यहाँ के लोग विभिन्न तरह की आस्था में विश्वास रखते आ रहे हैं।
प्रश्न 4: जालियाँवाला बाग हत्याकांड के ऊपर लिखे गए गाने की उस पंक्ति को चुनिए जो आपके अनुसार भारत की एकता को निश्चित रूप से झलकाती है।
उत्तर: मेरे विचार से जालियाँवाला बाग हत्याकांड के उपर लिखे गए गाने में निम्नलिखित पंक्ति में भारत की एकता की निश्चित रूप से झलक मिलती है।
हिंदू औ’ मुस्लिमों की, होती है आज होली
बहते हैं एक रंग में, दामन भीगो के जना
इतिहास की किताबों में यह उल्लेख मिलता है कि जलियाँवाला बाग में उस दिन सभी समुदायों के लोग वैशाखी के मेले में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में एकत्रित हुए थे। उस दिन लोग निहत्थे शांतिपूर्ण सत्यपाल और सैफुद्दीन किचलू की गिरफ्तारी के विरोध में सभा कर रहे थे। उसी समय उस निहत्थी भीड़ पर गोला बारूद चलाए जाने लगे। सभी समुदाय के लोगों ने मौत आने तक अपनी एकता का प्रदर्शन किया।
प्रश्न 5: लद्दाख और केरल की तरह भारत का कोई एक क्षेत्र चुनिए और अध्ययन कीजिए कि कैसे उस क्षेत्र की विविधता को ऐतिहासिक और भौगोलिक कारकों ने प्रभावित किया है। क्या ये ऐतिहासिक और भौगोलिक कारक आपस में जुड़े हुए हैं?
उत्तर: इसके लिए हम दिल्ली का उदाहरण ले सकते हैं। इस शहर का इतिहास लगभग 900 साल से सत्ता के संघर्ष का इतिहास रहा है। यहाँ मुस्लिम शासन की शुरूआत लगभग 1200 ईo से शुरू हुई थी। वे अपने साथ विभिन्न तरह के खाने, कपड़े और कला जैसे-वास्तुकला, शिल्पकला आदि लाए। दिल्ली सल्तनत का अंत लगभग 1500 ईo में हुआ। उसी समय यहाँ मुगल शासन की शुरूआत हुई। जो कि ब्रिटिश शासन के शक्तिशाली होने तक रहा। इस तरह 500 सालों तक भारत के ज्यादातर हिस्सों में मुगल शासन रहा। मुस्लिम शासकों का प्रभाव हमारे दिन प्रतिदिन की जिंदगी में देखने को मिलता है। ज्यादतर लोकप्रिय भोजन जैसे-पूरी, हलवा, पराठा, समोसा, शरबत और विभिन्न तरह के मांसाहारी भोजन उन्हीं की देन है। हिन्दी बोलचाल की भाषा में हमलोग बहुत सारे अरबी शब्द जैसे-दोस्त(मित्र), कमरा(कक्ष), दरवाज़ा(द्वार), खून(रक्त), कानून(नियम) का इस्तेमाल करते हैं। आज जो हम सबसे प्रचलित परिधान सलवार कुर्ता पहनते हैं, ये भी मुगल शासकों की देन है।
उसी तरह ब्रिटिश शासकों का असर भी देखने को मिलता है। आज बहुत सारे भारतीय जो अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल करते हैं, ये सब उन्हीं की देन है। यह सब 200 सालों के शासन का असर है। आज के समय में जो लोग खाने के लिए काँटे और चाकू का इस्तेमाल करतें हैं। चिकन टिक्का मसाला, पेस्ट्री आदि जो हम खाते है, ये उन्हीं के शासन का असर है। आज का जो भारतीयों का पहनावा जैसे- पैंट, शर्ट, सूट और स्कर्ट है, ये बदलाव ब्रिटिश शासन के कारण आया है।