कक्षा 10 नागरिक शास्त्र अध्याय 3 जाति, धर्म और लैंगिक मसले एनसीईआरटी के प्रश्न उत्तर

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एनसीईआरटी समाधान कक्षा 10 नागरिक शास्त्र अध्याय 3 जाति, धर्म और लैंगिक मसले

1. जीवन के उन विभिन्न पहलुओं का जिक्र करें जिनमें भारत में स्त्रियों साथ भेदभाव होता है या वे कमजोर स्थिति में होती हैं।

उत्तर: अभी भी महिलाओं को कई तरह के भेदभावों का सामना करना पड़ता है। इसके कुछ उदाहरण नीचे दिये गये हैं:

  • ऊँचे पदों पर बहुत कम महिलाएँ देखने को मिलती हैं। कई जगह पर पुरुषों की तुलना में महिलाओं का वेतन कम होता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं को प्रतिदिन अधिक घंटे काम करना पड़ता है।
  • आज भी ज्यादातर परिवारों में लड़कियों की तुलना में लड़कों को अधिक प्रश्रय दिया जाता है। कन्या भ्रूण हत्या के कई मामले सामने आते हैं। इसलिए भारत का लिंग अनुपात महिलाओं के पक्ष में बिलकुल नहीं है।
  • महिलाओं पर होने वाले अत्याचार के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसी घटनाएँ घर में भी होती हैं और घर के बाहर भी होती हैं।
  • आज भी लड़कियों को शिक्षा का उचित अवसर नहीं मिलता है। मां बाप लड़कों को अच्छी शिक्षा प्रदान करवाते हैं, लेकिन लड़कियों को नहीं।
  • आज भी हमारे समाज में कुछ तबके ऐसे हैं जो आज भी यह मानते हैं कि उनकी मर्जी के बिना उनकी लड़की शादी नहीं कर सकती।

2. विभिन्न तरह की सांप्रदायिक राजनीति का ब्यौरा दें और सबके साथ एक-एक उदाहरण भी दें।

उत्तर: विभिन्न तरह की सांप्रदायिक राजनीति के उदाहरण:

1. चुनावी राजनीति में कई नेता भोले-भाले लोगों को धार्मिक भावनाओं के आधार पर वह कहते हैं।

2. सांप्रदायिक राजनीति कई बार धर्म और सम्प्रदाय आधार पर लोगों में आपसी दंगे तक करवा देती है इसमें हजारों निर्दोष लोगों को जान से हाथ गवारा पड़ता है।

3. सांप्रदायिकता से प्रेरित व्यक्ति अपने धर्म को दूसरे धर्मों से श्रेष्ठ मानता है। और जो उसके धर्म को नहीं मानता उनके प्रति उसके मन में हीन भावना रहती है।

3. बताइए कि भारत में किस तरह अभी भी जातिगत असमानाताएँ जारी हैं।

उत्तर: भारत में अभी भी अधिकतर लोग अपनी ही जाति-बिरादरी में विभाग करते हैं। दशकों पहले जिन जातियों का पढ़ाई लिखाई या अन्य क्षेत्रों में प्रभुत्व था, अभी भी उन्हीं का ही प्रभुत्व कायम है। जिस से पिछड़े वर्गों को पर्याप्त मौका नहीं मिल पाता।

समाज में आज भी छुआछूत की प्रथा पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई है।

4. दो कारण बताएँ कि क्यों सिर्फ़ जाति के आधार पर भारत में चुनावी नतीजे तय नहीं हो सकते हैं?

उत्तर: सिर्फ जाति के आधार पर भारत में चुनावी नतीजे तय नहीं हो सकते हैं क्योंकि:

1. संसदीय चुनाव में एक जाति का बहुमत नहीं होता। इसलिए उम्मीदवार को एक जाति का नहीं बल्कि सभी जातियों का भरोसा प्राप्त करना होता है

2. लोग नेता या सरकार को इसलिए ही नहीं चुनते कि वह उनकी जाति विशेष की है या नहीं। बल्कि यह भी देखते हैं की सरकार द्वारा पूर्व में कैसा कामकाज किया गया और नेता की लोकप्रियता भी चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

5. भारत की विधायिकाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की स्थिति क्या है?

उत्तर: संसद और विधान सभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बहुत ही कम है। महिला विधायकों या सांसदों की संख्या 10% से अधिक नहीं है। लेकिन स्थानीय शासकीय निकायों में 33% आरक्षण के कारण महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा है। वर्तमान आँकड़ों के अनुसार स्थानीय शासकीय निकायों लगभग 10 लाख महिलाएँ हैं।

6. किन्हीं दो प्रावधानों का जिक्र करें जो भारत को धर्मनिरपेक्ष देश बनाते हैं।

उत्तर: दो प्रावधान जो भारत को धर्मनिरपेक्ष देश बनाते हैं:

1. संविधान धर्म के आधार पर किए जाने वाले किसी भी प्रकार के भेदभाव की आज्ञा नहीं देता और उसे असंवैधानिक घोषित करता है।

2. भारतीय राज्य में किसी भी धर्म को राजकीय धर्म के रूप में स्वीकार नहीं किया गया।

7. जब हम लैंगिक विभाजन की बात करते हैं तो हमारा अभिप्राय होता है : 
(क) स्त्री और पुरुष के बीच जैविक अंतर
(ख) समाज द्वारा स्त्री और पुरुष को दी गई असमान भूमिकाएँ
(ग) बालक और बालिकाओं की संख्या का अनुपात 
(घ) लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में महिलाओं को मतदान का अधिकार न मिलना।

उत्तर: (ग) बालक और बालिकाओं की संख्या का अनुपात

8. भारत में यहाँ औरतों के लिए आरक्षण की व्यवस्था है:
(क) लोकसभा
(ख) विधानसभा
(ग) मंत्रिमंडल
(घ) पंचायती राज की संस्थाएँ

उत्तर: (घ) पंचायती राज की संस्थाएँ

9. साम्प्रदायिक राजनीति के अर्थ सम्बन्धी निम्नलिखित कथनों पर गौर करें। साम्प्रदायिक राजनीति इस धारणा पर आधारित है कि-
(अ) एक धर्म दूसरों से श्रेष्ठ है।
(ब) विभिन्न धर्मों के लोग समान नागरिक के रूप में खुशी-खुशी साथ रह सकते हैं। 
(स) एक धर्म के अनुयायी एक समुदाय बनाते हैं।
(द) एक धार्मिक समूह का प्रभुत्व बाकी सभी धर्मों पर कायम करने में शासन की शक्ति का प्रयोग नहीं किया जा सकता।

इनमें से कौन-कौन सा कथन सही है ?
(क) अ, ब, स और द;
(ख) अ, ब और द;
(ग) अ और स;
(घ) ब और द।

उत्तर: (ग) अ और स

10. भारतीय संविधान के बारे में इनमें से कौन-सा कथन गलंत है ?

(क) यह धर्म के आधार पर भेदभाव की मनाही करता है। 
(ख) यह एक धर्म को राजकीय धर्म बताता है।
(ग) सभी लोगों को कोई भी धर्म मानने की आज़ादी देता है।
(घ) किसी धार्मिक समुदाय में सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार देता है।

उत्तर: (ख) यह एक धर्म को राजकीय धर्म बताता है।

11. ………..पर आधारित सामाजिक विभाजन सिर्फ भारत में ही है।

उत्तर: जाति।

12. सूची I और सूची II में मेल करायें और नीचे दिए गए कोड के आधार पर सही जवाब खोजें।

उत्तर: (रे) ख, क, घ, ग

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