कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 11 विद्युत धारा के रासानिक प्रभाव एनसीईआरटी के प्रश्न उत्तर

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 11 विद्युत धारा के रासानिक प्रभाव एनसीईआरटी अभ्यास के प्रश्न उत्तर सरल भाषा में दिया गया है। इन एनसीईआरटी समाधान के माध्यम से छात्र परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकते हैं। जिससे छात्र कक्षा 8 विज्ञान परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं। छात्रों के लिए कक्षा 8 विज्ञान के प्रश्न उत्तर एनसीईआरटी किताब के अनुसार बनाये गए है। कक्षा 8 हिंदी मीडियम के छात्रों की मदद करने के लिए, हमने एनसीईआरटी समाधान से संबंधित सभी सामग्रियों को नए सिलेबस के अनुसार संशोधित किया है। विद्यार्थी ncert solutions for class 8 science chapter 11 hindi medium को यहाँ से निशुल्क में प्राप्त कर सकते हैं।

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 11 विद्युत धारा के रासानिक प्रभाव

प्रश्न 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) विद्युत् चालन करने वाले अधिकांश द्रव____,____तथा____के विलयन होते हैं।
(ख) किसी विलयन से विद्युत् धारा प्रवाहित होने पर___प्रभाव उत्पन्न होता है।
(ग) यदि कॉपर सल्फेट विलयन से विद्युत् धारा प्रवाहित की जाए तो कॉपर बैटरी के___टर्मिनल से संयोजित___प्लेट पर निक्षेपित होता है।
(घ) विद्युत् धारा द्वारा किसी पदार्थ पर वांछित धातु की परत निक्षेपित करने की प्रक्रिया को ___ कहते हैं।

उत्तर: (क) विद्युत् चालन करने वाले अधिकांश द्रव अम्ल , क्षार तथा लवण के विलयन होते हैं।

(ख) किसी विलयन से विद्युत् धारा प्रवाहित होने पर रासायनिक प्रभाव उत्पन्न होता है।

(ग) यदि कॉपर सल्फेट विलयन से विद्युत् धारा प्रवाहित की जाए तो कॉपर बैटरी के ऋण टर्मिनल से संयोजित प्लेट पर निक्षेपित होता है।

(घ) विद्युत् धारा द्वारा किसी पदार्थ पर वांछित धातु की परत निक्षेपित करने की प्रक्रिया को विद्युत् लेपन कहते हैं।

प्रश्न 2. जब किसी संपरीक्षित्र के स्वतंत्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो चुंबकीय सुई विक्षेपित होती है। क्या आप ऐसा होने के कारण की व्याख्या कर सकते हैं ?

उत्तर: जब किसी संपरीक्षित्र के स्वतंत्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो विलयन में विद्युत् धारा के प्रवाहित होने से चुंबकीय सुई विक्षेपित होती है।

प्रश्न 3. ऐसे तीन द्रवों के नाम लिखिए जिनका परीक्षण चित्र में दर्शाए अनुसार करने पर चुंबकीय सुई विक्षेपित हो सके।

उत्तर: अम्ल, क्षार और लवण के विलयन।

प्रश्न 4. चित्र में दर्शाई गई व्यवस्था में बल्ब नहीं जलता। क्या आप संभावित कारणों की सूची बना सकते है? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।

उत्तर: जब कोई द्रव विद्युत धारा को अपने से प्रवाहित नहीं होने देता तो संपरीक्षित्र का परिपथ पूरा नहीं होता तथा बल्ब दीप्त नहीं होता। यदि परिपथ में विद्युत धारा दुर्बल है तो तंतु पर्याप्त गर्म न होने के कारण बल्ब दीप्त नहीं हो पाता।

प्रश्न 5. दो द्रवों A तथा B के विद्युत् चालन की जाँच करने के लिए एक संपरीक्षित्र का प्रयोग किया गया। यह देखा गया कि संपरीक्षित का बल्ब द्रव A के लिए चमकीला दीप्त हुआ जबकि द्रव B  के लिए अत्यंत धीमा दीप्त हुआ। आप निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि:-
(i) द्रव A, द्रव B से अच्छा चालक है।
(ii) द्रव B, द्रव A से अच्छा चालक है।
(iii) दोनों द्रवों की चालकता समान है।
(iv) द्रवों की चालकता के गुणों की तुलना इस प्रकार नहीं की जा सकती।

उत्तर: (i) द्रव A, द्रव B से अच्छा चालक है।

प्रश्न 6. क्या शुद्ध जल विद्युत् का चालन करता है? यदि नहीं , तो इसे चालन बनाने के लिए हम क्या कर सकते हैं ?

उत्तर: शुद्ध जल विद्युत का चालन नहीं करता। इसको चालक बनाने के लिए इसमें कुछ बूंदें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की डालनी चाहिए।

प्रश्न 7. आग लगने के समय, फायरमैन पानी के हौज (पाइपों) का उपयोग करने से पहले उस क्षेत्र की मुख्य विद्युत् आपूर्ति को बन्द कर देते हैं। व्याख्या कीजिए कि वे ऐसा क्यों करते हैं ?

उत्तर: शुद्ध जल विद्युत हीन चालक है, परंतु नल का जल विद्युत् का अच्छा चालक है। विद्युत् के झटके से बचने के लिए फायरमैन पानी के हौज (पाइपों) का उपयोग करने से पहले मुख्य विद्युत् आपूर्ति को बंद कर देते हैं।

प्रश्न 8. तटीय क्षेत्र में रहने वाला एक बालक अपने संपरीक्षित से पीने के पानी तथा समुद्र के पानी का परीक्षण करता है। वह देखता है कि समुद्र के पानी के लिए चुंबकीय सुई अधिक विक्षेप दर्शाती है। क्या आप इसके कारण की व्याख्या कर सकते हैं ?

उत्तर: समुद्र के पानी में लवणों की सघनता अधिक होती है। इसी कारण चुंबकीय सुई अधिक विक्षेपित होती है।

प्रश्न 9. क्या तेज़ वर्षा के समय किसी लाइनमैन के लिए बाहरी मुख्य लाइन के विद्युत् तारों की मरम्मत करना सुरक्षित होता है ? व्याख्या कीजिए।

उत्तर: नहीं, लाइनमैन के लिए वर्षा के समय बाहरी मुख्य लाइन के विद्युत् तारों की मरम्मत करना सुरक्षित नहीं है क्योंकि वर्षा का जल विद्युत का चालक है, जिससे झटका लगने की संभावना बढ़ जाती है।

प्रश्न 10. पहेली ने सुना था कि वर्षा का जल उतना ही शुद्ध है जितना कि आसुत जल। इसलिए उसने एक स्वच्छ काँच के बर्तन में कुछ वर्षा का जल एकत्रित करके संपरीक्षित्र से उसका परीक्षण किया। उसे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि चुंबकीय सुई विशेष दर्शाती है। इसका क्या कारण हो सकता है?

उत्तर: इस बात में सही तथ्य है कि वर्षा का जल आसुत जल की तरह ही शुद्ध होता है। आसुत जल लवणों से मुक्त होने के कारण हीन चालक होता है। लेकिन हवा के कुछ कण जब पानी में घुलते है तो इकट्ठा किया हुआ शुद्ध जल अशुद्ध हो सकता है। ये अशुद्धिया वर्षों के जल में घुल कर इसे विद्युत् का चालक बना देती हैं।

प्रश्न 11. अपने आस–पास उपलब्ध विद्युत्लेपित वस्तुओं की सूची बनाइए।

उत्तर: विद्युत् लेपित वस्तुओं की सूची इस प्रकार है 😐
(क) कार के कुछ भाग
(ख) स्नानगृह की टोंटी
(ग) गैस बर्नर
(घ) साइकिल का हैन्डल
(ङ) पहियों के रिम

प्रश्न 12. जो प्रक्रिया आपने पाठ्य पुस्तक के क्रियाकलाप 14.7 में देखी वह कॉपर के शोधन में उपयोग होती है। एक पतली शुद्ध कॉपर छड़ एवं एक अशुद्ध कॉपर की छड़ इलेक्ट्रोड के रूप में उपयोग की जाती है। कौन – सा इलेक्ट्रोड बैटरी के धन टर्मिनल से संयोजित किया जाए? कारण भी लिखिए।

उत्तर: जब कॉपर सल्फेट विलयन में विद्युत् धारा प्रवाहित की जाती है, तो कॉपर सल्फेट, कॉपर और सल्फेट में नियोजित होता है। स्वतंत्र कॉपर बैटरी के ऋण टर्मिनल से संयोजित इलेक्ट्रोड की ओर आकर्षित होता है तथा उस पर निशेपित हो जाता है। इसलिए अशुद्ध कॉपर की छड़ को धन टर्मिनल के साथ संयोजित किया जाना चाहिए क्योंकि यही धन टर्मिनल पर जुड़ा शुद्ध कॉपर इलेक्ट्रोड विलयन में कॉपर की आपूर्ति करता है।

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